
ऋषभ जब तारा को किसी ख्यालों में खोए हुए देखा तो उसे अपनी बाहों में भरकर कहा "क्या हुआ स्वीटहार्ट आजकल हम देख रहे तुमको ज्यादा ही खोई खोई रह रही हो.... ऐसा क्या सोच रही हो तुम।।
तारा हल्के से ऋषभ के बाहों से दूर होते हुए कही "ऐसी कोई बात नहीं ऋषभ मैं कहां खोई हुई रहूंगी ?वैसे ही आपकी बात अरमान या फिर नूर से हुई .....अब तक वह लोग नहीं आया है"।।












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