
माया के चेहरे से उड़ा हुआ रंग देखकर सुहाना मुस्कुराते हुए कही " क्या हुआ अभी तो तुम बहुत बड़ा-बड़ा ज्ञान मुझे दे रही थी ?तुम वैसी हो तुम वैसी हो और जब मैं तुम्हारे बारे में बता दिया तो तुम्हारे चेहरे से रंग क्यों उड़ गया "?
माया जल्दी से खुद को संभाल हकलाते हुए कही "तुम... तुम.... तुम कहना क्या चाहती हो ?मैं बहुत अच्छे से समझ रही हूं !एक तो तुम गलती की हो ऊपर से मैं तुम्हें समझ रही हूं तो तुम मुझे ही ब्लेम कर रही हो।। मैं तो बस तुम्हारी भलाई के लिए बोल रही थी कि, तुम अभी इतनी छोटी हो यह सब करोगी क्या इफेक्ट पड़ेगा तुम्हारे फ्यूचर में।।











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