
तारा की आंखों से आंसू बहने लगे, वह रोते हुए ऋषभ से कही " मैं मानती हूं कि मुझे अनजाने में बहुत बड़ी गलती हुई है ।।इस गलती के लिए माफी बहुत छोटा शब्द है ।।लेकिन आप तो मुझसे प्यार करते हैं ना ऋषभ मेरी इस गलती को माफ नहीं कर सकते हैं "।।
ऋषभ जो अपने बाल सुखा रहा था ,उसके हाथ रुक गए ।।वह गहरी सांस लेकर अपना गुस्सा कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा था।। क्योंकि किसी के लिए यह बहुत बड़ी बात है कि वह बाप नहीं बना अभी तक और ऋषभ के लिए तो और भी बड़ी बात थी ।।क्योंकि उसने सबसे तारा से शादी की थी उसे बाप बनने की बहुत ख्वाहिश थी और इस ख्वाहिश को तारा ने चकना चूर दिया और वो भी न जाने कितनी बार।।












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