
ऋषभ तारा से दूर होकर अपनी कमर पर टॉवल लपेटकर बेड से उठ जाता है।। ऋषभ को इस तरह उठता हुआ देखा तारा पूछी "क्या हुआ आप गुस्सा हो गए क्या हमसे? आप समझिए ना सच में मुझे भी बहुत दर्द हो रहा है ।।मैं आज रात आपको मना नहीं करूंगी ।।लेकिन आपको भी थोड़ा जेंटल रहना चाहिए ना आप इतना वाइल्ड हो जाते हैं।।
ऋषभ प्यार से समझते हुए कहा " नहीं स्वीटहार्ट मैं कभी इन सब चीजों के लिए गुस्सा नहीं करता हु ,तुम से प्यार करता हु ।।तुम्हे कभी दर्द में नहीं देख सकता हु...।।फिर टीजिंग स्माइल के साथ कहा " लौकिक बेड पर मीठा मीठा दर्द दूंगा ,तुम्हें ऐसे ही मुझे बर्दाश्त करना पड़ेगा ।।क्योंकि तुम्हारे करीब आकर मैं चाह कर भी कंट्रोल नहीं रह पाता हूं ।।मेरे अंदर की डिजायर जाग जाते हैं।। इतना बोल ऋषभ वॉशरूम में जाने लगा ।।












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