
मौली को इस तरह हिचकिचाते हुए देख ,उस इंसान का हाथ धीरे-धीरे मौली के पूरे शरीर पर roughly मूव करने लगा।। मौलि का अब हाल बेहाल हो चुका था, अब उसके पैर भी उसका साथ नहीं दे रहे थे खड़े होने में ।।वह लड़खड़ाने लगी और गिरती उससे पहले वह इंसान उसे अपनी बाहों में थाम लिया और ब्राइडल स्टाइल में अपनी गोद में उठा लिया।।
मौली उसके गोद में कसमस आने लगी ।। लेकिन उसके गले से आवाज नहीं निकल रही थी ...कि वह बोल सके कि मुझे नीचे उतारिए ।। लेकिन जब मौली को नजरों की ताबिश बर्दाश्त नहीं होती है तो वह किसी तरह हकलाते हुए कही "अंकल ....क्या....क्या कर .....रहे हैं ....आप ...नि ....नीचे उतारिए मुझे मैं खुद चल सकती हूं।।











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