
कामिनी जी गुस्से से माया की तरफ मुढ़ी और चिल्लाते हुए कहीं "माया तुम्हें जरा भी शर्म नहीं है ,इस उम्र में मुझे अपने बेटे को उसे टॉवल लपेटे हुए दिखाना चाहती हो ।।इसके लिए तुम मुझे नीचे से जबरदस्ती ऊपर लेकर आई हो।।
माया खुद सामने का नजारा देखकर हैरान थी।। वह तो कामिनी जी वह कुछ और दिखाने के लिए लाई थी, लेकिन रूम का पूरा हुलिया ही चेंज था।। बेड पर पिलो और बेडशीट सब सलीके से सेट किया हुआ था।। बेड पर कोई सिलवट नहीं थे, ऐसा लग रहा था जैसे कोई सोया ही ना हो यहां पर रात को।।











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