
अगली सुबह ,
तारा की नींद खुली ,वो बेड पर अपने आस पास देखने लगी ....!!फिर कन्फ्यूज होते अपनी आंख मलने लगी और कही " इतनी सुबह सुबह ऋषभ कहा चले गए ...!!मुझसे बिना मिले कही जाते नहीं है ..."।। तभी तारा के दिमाग में कुछ हिट किया और खुद के सर पर चपत मारते हुए कही " अरे मैं भूल कैसे गई ,मैं अपने पति को कल रात रूम से बाहर निकाल दिया था और पता नहीं अब वह कहां होंगे।। अच्छा पहले फ्रेश हो लेटी हूं, उसके बाद जाकर मिलूंगी ....इतना बोल तारा वॉशरूम में चली गई।।












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