
माया इतनी खुश हो गई थी कि उसकी अपनी खुशी में पैर जमीन पर नहीं रह रहे थे , वह कही "इतनी बड़ी खुशी है इसे तो सेलिब्रेट करना चाहिए और वहींरखी चेयर पर बैठ गई और वाइन की गिलास उठाकर पीने लगी । एक घुट पीने के बाद स्माइल करते हुए कही "जाओ जाओ रूद्र दुआ के पीछे पर अफ़सोस उसे एक्सप्लेन नहीं कर पाओगे तब तक शायद हो रहे ही ना इस दुनिया में इतना बोलो जोर-जोर से हंसने लगी ।।
वही रूद्र दुआ के पीछे-पीछे आता है लेकिन उसे दुआ कहीं नहीं दिखती है, वह अपने सर के बाल पकड़ कर कहा "कहां चली गई मन्नत एक बार एक्सप्लेन करने का मौका तो देती !!!"खुद मुझे धोखेबाज साबित करके चली गई!!










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