
दिल्ली यूनिवर्सिटी,
दुआ जैसे ही कॉलेज के अंदर जाती है सब उसे घूर घूर कर देखने लगते है ।दुआ को थोड़ा अजीब लगता है लेकिन वो ये सब को इग्नोर करके अंदर जाने लगती है। स्टूडेंट्स में ख़ुसुरफुरुर होने लगते है ।बताओ तो ये कितनी शरीफ दिखती है और ऐसे वाहियात काम करती है ।दूसरा बोलता है हा देखो न कैसे एटीट्यूड से चल रही हैं जैसे कुछ की ही न हो।










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