
तारा खुद को ऋषभ से छुड़ाते हुए कहीं "ऋषभ क्या करें ?देखिए मैं आपके पास आई थी अपनी बहन के बारे में पूछने के लिए ;मैं आपको तब तक अपने करीब नहीं आने दूंगी जब तक मेरी बहन नहीं आ जाती समझे ;अब हटिए मुझे जाने दीजिए ।।इतना बोल तारा ऋषभ को धक्का देकर स्टडी रूम से बाहर चली गई।।
ऋषभ तो हक्का-बक्का होकर तारा को जाते हुए देखते रह गया , फिर चढ़ते हुए कहा " ये अरमान भी न कहां रह गया , अभी तक आया कई नहीं वो नूर को लेके !! अब बताओ तो जब तक वह नूर को लेकर नहीं आएगा तब तो मैं अपनी बीवी से दूर रहूंगा ...!बिल्कुल नहीं, मैं अभी उसे फोन करके कहता हूं अभी के अभी नूर को यहां लेकर आए ! मैं एक पल भी अपनी बीवी से दूर नहीं रह सकता !!












Write a comment ...